DNS क्या होता है और ये क्या काम करता है

DNS full form – (Domain Name System)

DNS को डोमेन नेम सिस्टम भी कहते हैं | (DNS) इंटरनेट की फोनबुक होती है। जिसके माध्यम से
कोई भी यूजर अपने मनचाहे वेबसाइट पे जा सकता है और वहां से जानकारी प्राप्त कर सकता है |

वेब ब्राउज़र किसी भी वेबसाइट तक पहुंचने के लिए Internet Protocol यानि (IP) addresses का
इस्तेमाल करता है जबकि यूजर किसी भी वेबसाइट को ढूंढने के लिए डोमन नाम का इस्तेमाल करता
है यहाँ पे DNS का काम होता है डोमेन नाम को IP addresses में बदल दे ताकि ब्राउज़र
आसानी से उस वेबसाइट के resources को डाउनलोड कर सके |

जैसे- webfastnet.com एक डोमेन नाम है जिसके माध्यम से यूजर ऑनलाइन
जानकारी प्राप्त करते हैं।

192.10.2.1 एक IP Address है जिसको ब्राउज़र इस्तेमाल करता है | जैसा की आपको पता होगा कंप्यूटर
किसी भी भाषा को नहीं समझता है वो सिर्फ Numbers समझता है जैसे- 1,0
आप जो भी कुछ कंप्यूटर में इनपुट डालते हैं कंप्यूटर पहले उसको अंक में बदलता है फिर उस इनपुट को
प्रोसेस करता है और उसे बाद आपके समझने में जो भाषा आसानी हो उस भाषा में आउटपुट देता है |

उदाहरण के लिए
अगर आप इस वेबसाइट तक पहुंचना चाहते हैं तो ब्राउज़र में आपको Websitekaisebnaye.in डोमेन नाम
डालना होगा , ब्राउज़र उस डोमेन नाम को नहीं पहचानता है तो वो (DNS)Domain Name System से संपर्क
करेगा, फिर (DNS) उस डोमेन नाम को IP में बदल कर फिर से ब्राउज़र को जवाब देगा , उसके बाद ब्राउज़र उस
IP एड्रेस के मदद से उस सर्वर को ढूंढेगा जहाँ पे वेबसाइट का फाइल स्टोर है और फिर उस वेबसाइट के पेज को
डाउनलोड कर के यूजर के सामने प्रेजेंट करेगा |

हम IP Address के जगह डोमेन नाम का इस्तेमाल क्यों करते हैं ?

IP Address को याद रखना काफी मुश्किल वाला काम है | दुनिया में लाखो वेबसाइट है और इन सब वेबसाइट
के अलग-अलग IP Address होता है | कोई भी यूजर जिस भी वेबसाइट पे जाना चाहेगा उसका IP Address
का इस्तेमाल करेगा | एक नंबर को याद रखना वो भी इस 192.01.00 फॉर्मेट में आप सोच सकते हैं की कितना
मुश्किल काम है | इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए डोमेन नाम का खोज हुआ |

डोमेन नाम किसी भी बिज़नेस के नाम से मिलता जुलता नाम है और वो हरेक वेबसाइट के लिए यूनिक होता है
जिससे यूजर को अपने मनचाहे वेबसाइट तक जाने में कोई परेशनी नहीं होती है | DNS के मदद से उस डोमेन नाम
को IP Address से जोड़ दिया जाता है जिससे आसानी से ब्राउज़र भी उस वेबसाइट को ढूंढ लेता है |

यूजर को वेबसाइट तक जाने में आसानी हो इस लिए डोमेन नाम का इस्तेमाल किया जाता है |

DNS कैसे काम करता है

जब कोई वेबसाइट बनाया जाता है तो उस समय दो चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है

  1. Domain name
  2. Hosting

डोमेन नाम आपके वेबसाइट का पता होता है

और होस्टिंग वो जगह होता है जहाँ पे आपके वेबसाइट के फाइल स्टोर होते हैं | डोमेन को डोमेन रजिस्ट्रार के मदद
से रजिस्टर करवाना होता है और होस्टिंग सर्विस प्रोवाइडर से होस्टिंग खरीदना होता है |

जो कंपनी होस्टिंग सर्विस देती है उसका एक डाटा सेंटर होता है जहाँ पे काफी सारे कंप्यूटर होते हैं | जब कोई
वेबसाइट के मालिक वेबसाइट को शुरू करने के लिए होस्टिंग सर्विस लेता है तो उसको उसी कंप्यूटर में
अपना फाइल स्टोर करने के लिए अनुमति मिल जाती है |
हरेक कंप्यूटर का एक IP Address होता है जिसके मदद से ब्राउज़र उस कंप्यूटर तक पहुँच कर के वेबसाइट के
फाइल को डाउनलोड कर सकता है |

यूजर चाहे तो उस IP Address के मदद से भी स कंप्यूटर तक पहंच कर उस वेबसाइट के पेज को देख सकता है
याद रखने में आसानी हो इसी लिए डोमेन का इस्तेमाल किया जाता है |
डोमेन नाम को Domain Name System के मदद से उस IP Address को जोड़ दिया जाता है अब कोई भी यूजर
डोमेन नाम के मदद से उस कंप्यूटर तक पहुँच कर वेबसाइट को देख सकता है जहा पे वेबसाइट का फाइल स्टोर है|

आप चाहे तो अपने वेबसाइट को अपने घर के कंप्यूटर को भी अपने वेबसाइट को होस्ट करने के लिए
इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन उसके लिए आपको अपने कंप्यूटर को 24 घंटे चालू रखना होगा जो की
संभव नहीं है | वहीं होस्टिंग प्रोवाइडर कंपनी अपने डाटा सेंटर में कई कंप्यूटर रखते हैं और सबको चालू
भी रखते हैं |

क्यों डोमेन और होस्टिंग एक ही जगह से खरीदें

अगर भविष्य में कभी आप अपना वेबसाइट शुरू करते हैं तो डोमेन और होस्टिंग एक ही कंपनी से
खरीदें | अलग-अलग कंपनी से डोमेन और होस्टिंग खरीदने पे जो नए लोग हैं उन्हें DNS सेटिंग करने
में थोड़ी परेशानी होती है |
अगर एक ही कंपनी से डोमेन और होस्टिंग खरीदते हैं तो आसानी से डोमेन और होस्टिंग को एक ही जगह
मैनेज कर सकते हैं |
होस्टिंग के लिए Bluehost काफी अच्छी कंपनी है आप यहां से चाहे तो होस्टिंग खरीद सकते हैं Bluehost से
होस्टिंग खरीदने से एक फायदा ये हैं की Domain और SSL certificate एक साल के लिए फ्री मिल जाता है|

जितने भी छोटे लेवल के बिज़नेस है उन सभी को ऑनलाइन लाने के लिए वेबसाइट की जरूरत होती है और कुछ
लोग डिज़ाइनर को पैसे देने में सक्षम नहीं होते हैं वैसे लोग खुद से डोमेन और होस्टिंग खरीद के अपना वेबसाइट का
सेटअप आसानी से कर सकते हैं |
निचे वेबसाइट कैसे बनाये के बटन पे क्लिक कर के हमारे दिए गए स्टेप को फोलो कर के आसानी से अपना
बिज़नेस वेबसाइट या फिर किसी भी तरह के वेबसाइट शुरू कर सकते हैं|

अगर कुछ प्रॉब्लम होती है तो निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के हमे बता सकते हैं ताकि हम आपकी मदद कर सकें |
इस पोस्ट की जानकारी कैसी लगी इसके बारे में भी हमें कमेंट कर के बता सकते हैं और फीडबैक दे सकते हैं |

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